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Boekhorst proud of Indian (भारतीय) heritage

Mark of the Week - Blaine Boekhorst (Rd18) Mark of the Week in Round 18 goes to Blaine Boekhorst's amazing hanger just outside 50.

What’s in a name? Not what you’d think when it comes to Carlton young gun Blaine Boekhorst.

While the Boekhorst name is Dutch, his father is third generation Australian, the No. 12’s mum hails from India.

“Mum was born in India, in the south I think, and moved over to Western Australia when she was one,” Boekhorst said.

“Because she grew up here she doesn’t really have a strong Indian connection, she never spoke the language or anything like that.

“But we had family in Perth, so when I was younger we would visit them and Nanna would always cook up a good Indian feast – her chicken curries were great.”

Boekhorst grew up in Port Hedland and his family has never returned to India. But the 21-year-old says he would be keen to visit and learn more about the culture – especially after a recent experience at Ikon Park.

“A few weeks ago Ed (Curnow) and I attended a briefing night here at the club with the Sri Lankan community and it was great,” Boekhorst said.

“We met with members of the band and learnt a bit about their culture – it was really interesting. I’m definitely keen to learn more about different cultures, particularly from that part of the world.”

This weekend marks the AFL’s Multicultural Round with Carlton’s game against Collingwood at the MCG the showcase game of the round.

The theme of the round is ‘Many Cultures, One Game’ to celebrate the way that football can bring people together. Boekhorst, who is now six games into his AFL career, says he's witnessed first hand how football can create a sense of belonging.

“I’ve got family friends in Melbourne who are Indian too and they’re right into their football,” he said.

“They’re converted to being Carlton supporters now – they just love footy and they love being involved.”


Blaine Boekhorst's mum was born in southern India. (Photo: AFL Photos, digitally altered)

वो हिंदी में कहावत है कि 'नाम में क्या रखा है' ? पर कार्लटन के इस युवा खिलाडी ब्लेन बोएक्हर्स्ट के लिए ये कहावत अति महत्वपूर्ण है।

वैसे तो बोएक्हर्स्ट डच उपनाम है लेकिन ब्लेन के पिता 3 पिढ़ी ऑस्ट्रेलियाई है और माता जी इंडिया से है।

ब्लेन कहते है कि उनकी " माता जी का जन्म उनके विचार से दक्षिण इंडिया में हुआ था और जब वह एक वर्ष की थी तो ऑस्ट्रेलिया विस्थापित ( मूव) हो गयी थी।"

"क्योंकि उनका पालन यहाँ (ऑस्ट्रेलिया) में हुआ था, उनका इंडिया से कुछ खास सम्बन्ध नहीं है, ना ही वो (इंडियन) भाषा का इस्तेमाल करती है।"

"उनका परिवार पर्थ में है और जब वो बच्चे थे और अपने नानी के घर जाते थे तो वो सब के लिए इंडियन खाना तैयार करते थी - उनकी चिकन कड़ी बहुत स्वादिष्ट थी।"

बोएक्हर्स्ट का पालन मूल तोर पर पोर्ट हेडलैण्ड में हुआ। उनके परिवार को इंडिया जाने का मोका नहीं मिला है लेकिन बोएक्हर्स्ट कहते है की उनकी इंडिया जाने की और इंडियन संस्कृति को और समझने की बहुत तमन्ना है - खासकर आइकॉन पार्क के अनुभव के बाद।

बोएक्हर्स्ट कहते है " कुछ सप्ताह पहले एड (करनऊ) के साथ मुझे क्लब मैं श्रीलंका नाईट मैं उपस्थि होने का मोका मिला जो की बहुत ही अच्छा था।"

"हमें बैंड के सदस्यों से मिलने का मोका भी मिला और उनकी संस्कृति के बारे मैं ज्ञान प्राप्त हुआ - ये एक अद्भुत अनुभव था। मेरी अलग अलग संस्कृतीयों के बारे मैं जानने मैं बहुत दिलचस्पी है, खासकर दुनिया के उस भाग से।"

इस सप्ताह मल्टिकलचर राउंड के अंतर्गत कार्लटन का मुकाबला कोलिंगवुड से मेलबोर्न क्रिकेट ग्राउंड में है।

इस राउंड की थीम है " विभिन्न संस्कृतियां पर एक खेल।" इस खेल का मकसद है विभिन्न संस्कृतयों को खेल के ज़रिये साथ लाना। बोएक्हर्स्ट अभी तक 6 ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉल लीग के मैच खेल चुके है और उनका मानना है की फुटबॉल एक अपनापन्न का माहोल बना सकता है।

" मेरा परिवार के सदस्य जो के इंडियन मूल के है, फुटबॉल के बहुत बड़े प्रशंषक हैं।"

"वो सब कार्लटन के प्रशंषक है" और फुटबॉल के साथ जुड़े रहना उन्हें बहुत पसंद है।